कविता एक सुरीली : रावेंद्रकुमार रवि का नया शिशुगीत
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*सभी नन्हे साथियों को ढेर-सारा प्यार!*
नए साल में मैं अभी तक
सरस पायस पर कोई रचना नहीं सजा पाया था!
आज अंतरजाल पर विचरण करते समय
मेरी मुलाकात अनुष्का से...
13 years ago
3 टिप्पणियाँ:
अधरपरी और हृदयपरी का,
मेल बहुत ही सुन्दर है!
प्रणय प्रतीकों का आपस में,
खेल बहुत ही सुन्दर है!
जितनी सुन्दर तस्वीर, उतनी ही सुन्दर कविता!! बधाई.
देखकर
जब
करती
है
नृत्य
तुम्हारी
अधर-परी!
.........बहुत खूब, लाजबाब !
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