कविता एक सुरीली : रावेंद्रकुमार रवि का नया शिशुगीत
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*सभी नन्हे साथियों को ढेर-सारा प्यार!*
नए साल में मैं अभी तक
सरस पायस पर कोई रचना नहीं सजा पाया था!
आज अंतरजाल पर विचरण करते समय
मेरी मुलाकात अनुष्का से...
13 years ago
6 टिप्पणियाँ:
बहुत उम्दा!
Behad Khubsurat.
प्रेममयी अभिव्यक्ति । यह कविता हृदय के तार झंकृत करती है ।
सुन्दर रचना।
बहुत सुन्दर रचना...
बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ।
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