कविता एक सुरीली : रावेंद्रकुमार रवि का नया शिशुगीत
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*सभी नन्हे साथियों को ढेर-सारा प्यार!*
नए साल में मैं अभी तक
सरस पायस पर कोई रचना नहीं सजा पाया था!
आज अंतरजाल पर विचरण करते समय
मेरी मुलाकात अनुष्का से...
13 years ago
8 टिप्पणियाँ:
बेहतरीन!!
सुन्दर अभिव्यक्ति... खाली क्लिक से नहीं चलेगा , :) :)
बधाई।
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क्या आप बता सकते हैं कि इंसान और साँप में कौन ज़्यादा ज़हरीला होता है?
अगर हाँ, तो फिर चले आइए रहस्य और रोमाँच से भरी एक नवीन दुनिया में आपका स्वागत है।
आस्था हो तो ऐसी ही!
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आशा का संचार करती सुन्दर रचना!
आपने खुलकर बातें सामने रखी है!
आपने खुलकर बातें सामने रखी है!
मेरी सुगंध के लिए,
बनना ही पड़ेगा -
तुम्हें भ्रमर!
श्रेष्ठ सुन्दर भावाभिव्यक्ति !
बधाई !
- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं
अच्छी कविता !
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