नन्हे दोस्तों को समर्पित मेरा ब्लॉग

दिल ही दिल में : रावेंद्रकुमार रवि

>> Friday, April 22, 2011

दिल ही दिल में
हम
दिल से भी
कुछ कहते हैं,

तुम
उसको दिल से
सुन लेना!

सच में
यदि आ न सको,
मत आना!

दिल ही
दिल में
मिल लेना!
--
रावेंद्रकुमार रवि

5 टिप्पणियाँ:

Sunil Kumar April 22, 2011 at 9:32 PM  

बहुत छोटी सी इच्छा जरुर पूरी होगी , शुभकामनायें

डॉ॰ मोनिका शर्मा April 22, 2011 at 9:50 PM  

दिल से मिले, दिल से सुने ...इससे बढ़कर क्या हो सकता है ....सुंदर

डॉ. नागेश पांडेय "संजय" April 23, 2011 at 6:33 AM  

मेरी भी .......शुभकामनायें

Coral April 23, 2011 at 12:01 PM  

बहुत सुन्दर

Go Green Think Green

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) April 24, 2011 at 10:04 AM  

देखन में छोटे लगें घाव करें गम्भीर!
शब्दों ने तो मन मोह लिया!

Related Posts with Thumbnails

"सप्तरंगी प्रेम" पर पढ़िए मेरे नवगीत -

आपकी पसंद

  © Blogger templates Sunset by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP